DHARTI MAATA( a hindi poem on EARTH DAY)

sima sach
sima sach / Blog / 6 yrs ago /
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धरती माता ( कविता)

धरती हमारी माता है,

माता को प्रणाम करो

बनी रहे इसकी सुंदरता,
ऐसा भी कुछ काम करो

आओ हम सब मिलजुल कर,
इस धरती को ही स्वर्ग बना दें

देकर सुंदर रूप धरा को,
कुरूपता को दूर भगा दें

नैतिक ज़िम्मेदारी समझ कर,
नैतिकता से काम करें

गंदगी फैला भूमि पर
माँ को न बदनाम करें

माँ तो है हम सब की रक्षक
हम इसके क्यों बन रहे भक्षक

जन्म भूमि है पावन भूमि,
बन जाएँ इसके संरक्षक

कुदरत ने जो दिया धरा को
उसका सब सम्मान करो

न छेड़ो इन उपहारों को,
न कोई बुराई का काम करो

धरती हमारी माता है,
माता को प्रणाम करो

बनी रहे इसकी सुंदरता,
ऐसा भी कुछ काम करो


अपील:- विश्व धरा दिवस के अवसर पर आओ हम सब धरा को सुन्दर बनाने में सहयोग दें हमारी धरती की सुन्दरता को बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है....... सीमा सचदेव


Abhishek / / 5 months ago
Abhishek

nice poem


RUCHI / / 6 months ago
RUCHI

Ruchi.J.Patel
(IRIS RUPANZIL)
I CANNOT DEFEAT U
I TO WRITE POEMS BUT NOT LIKE U


fozia / / 8 months ago
fozia

yeh sab batey hum sabhi jante hai.
fir amal q nahi karte.
yeh sab hum padte hai sarahte hai aur bhul jate hai
kya papar ki tarha hum yeh bate apne dil par dimag par nahi likh sakte


Patel / / 9 months ago
Patel

very nice poem


Shabbir / / 11 months ago
Shabbir

bahut badiya kavita hai. muze bahut pasand aai hai.


Abhishek / / 11 months ago
Abhishek

oooooooooooo so big


raj / / 11 months ago
raj

ver nicce


raj / / 11 months ago
raj

Raj- nice poem for children they got a very nice moral speach


gauri / / 12 months ago
gauri

nice poem for children
nice moral


gauri / / 12 months ago
gauri

very nice poem